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*स्वर सम्राट हेमंत कुमार को जन्म जयंती पर गीतों के माध्यम से याद किया*

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*स्वर सम्राट हेमंत कुमार को जन्म जयंती पर गीतों के माध्यम से याद किया*

खंडवा। सदभावना मंच सदस्यों व्दारा हिंदी और बांग्ला सिनेमा के दिग्गज गायक, संगीतकार, फिल्म निर्माता और दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित हेमंत कुमार मुखोपाध्याय की 105 वीं जयंती पर उनके गायें कालजयी गीतों को गुनगुना कर याद किया गया। यह जानकारी देते हुए मंच के निर्मल मंगवानी ने बताया कि इस मौके पर संस्थापक प्रमोद जैन ने कहा कि 16 जून 1920 को वाराणसी में जन्मे हेमंत कुमार ने अपनी गंभीर, मधुर आवाज से संगीत जगत में अलग पहचान बनाई। उन्होंने हिंदी फिल्मों में ये नयन डरे-डरे, तुम पुकार लो, ना तुम हमें जानो, है अपना दिल तो आवारा और बेकरार करके हमें जैसे अमर गीत गाए। संगीतकार के तौर पर उन्होंने नागिन, बीस साल बाद और कोहरा जैसी फिल्मों में संगीत दिया। नागिन का बीन वाला धुन आज भी लोकप्रिय है। बांग्ला फिल्मों में भी उनका योगदान अतुलनीय रहा। संगीत प्रेमी आज भी उनकी आवाज और रचनाओं को स्वर सम्राट के रूप में याद कर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। इस अवसर पर मंच के प्रमोद जैन, फिल्म अभिनेता अमित महोदय मुम्बई, सुरेंद्र गीते, डॉ. जगदीशचंद्र चौरे, जीडी सराफ, सुनील सोमानी, केबी मनसारे, देवेंद्र जैन, विजया दिवेदी, गणेश भावसार, निर्मल मंगवानी, अजय मंडलोई, अशोक जैन, धीरज नेगी, अशोक पारवानी, सुभाष मीणा, योगेश गुजराती, डॉ. एमएम कुरैशी, पं. कृष्ण कुमार व्यास, रामनाथ सराफ आदि ने महान गायक हेमंत दा के गीतों को कराओके पर गाकर श्रध्दांजलि दी।

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